Saturday, August 8, 2015

कोई बना दे बहाना माँ वैष्णो तेरे दर आना,
दर आना दर्शन पाना,माँ वैष्णो तेरे दर आना।
कोई बना दे बहाना -----------------------
उलझे हैं कामों में न मिलता आराम माँ,
जीना हुआ मुश्किल हो रखा है हराम माँ,
पीछा छोड़े न फरेबी ये जमाना।
माँ तेरे दर आना,दर आना दर्शन पाना।
कोई बना दे बहाना --------------------
सोमवार से युं ही हो जाता रविवार माँ,
माँ बीमार होती कभी बीवी बीमार माँ,
लगा मेहमानों का आना जाना।
माँ तेरे दर आना,दर आना दर्शन पाना।
कोई बना दे बहाना ---------------
इक बार सुन ले रैना" की पुकार माँ,
नवरात्रों में मुझे बुला ले इक बार माँ,
हमने दुखड़ा अपना सुनाना।
माँ तेरे दर आना,दर आना दर्शन पाना।
कोई बना दे बहाना ---------रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ


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