मेरे मन में वैष्णो कर लो ठिकाना,
कर लो ठिकाना माँ घर में ठिकाना,
मुश्किल हुआ है दूर तेरे दर आना,
तेरे दर आना आ के दर्शन पाना।
मेरे मन में वैष्णो ------------------
मन मंदिर में दरबार सजा लुगा,
दरबार सजा के उसमें माँ को बैठा लुगा,
फिर माँ वैष्णो तेरा ध्यान लगाना,
ध्यान लगाना जीवन सफल बनाना।
मेरे मन में वैष्णो ---------------
उलझन में उलझा परेशान दिल है,
दूर है दर तेरे आना हुआ मुश्किल है,
माँ पास में बैठ तेरे दुखड़े सुनाना है,
दुखड़े सुनाना माँ गुण तेरे गाना।
मेरे मन में वैष्णो ----------------
रैना"की विनती करो स्वीकार माँ,
बाकी का जीवन तुझ पे निसार माँ ,
जीवन निसार अब करो उपकार माँ।
खत्म हो जाये आना जाना,
आना जाना जीवन सफल बनाना।
मेरे मन में वैष्णो ------------रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ
कर लो ठिकाना माँ घर में ठिकाना,
मुश्किल हुआ है दूर तेरे दर आना,
तेरे दर आना आ के दर्शन पाना।
मेरे मन में वैष्णो ------------------
मन मंदिर में दरबार सजा लुगा,
दरबार सजा के उसमें माँ को बैठा लुगा,
फिर माँ वैष्णो तेरा ध्यान लगाना,
ध्यान लगाना जीवन सफल बनाना।
मेरे मन में वैष्णो ---------------
उलझन में उलझा परेशान दिल है,
दूर है दर तेरे आना हुआ मुश्किल है,
माँ पास में बैठ तेरे दुखड़े सुनाना है,
दुखड़े सुनाना माँ गुण तेरे गाना।
मेरे मन में वैष्णो ----------------
रैना"की विनती करो स्वीकार माँ,
बाकी का जीवन तुझ पे निसार माँ ,
जीवन निसार अब करो उपकार माँ।
खत्म हो जाये आना जाना,
आना जाना जीवन सफल बनाना।
मेरे मन में वैष्णो ------------रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ
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