Tuesday, August 25, 2015

हम दास तेरे वैष्णो,ऊँची शान तुम्हारी है,
अब हम पे करो कृपा,ये विनती हमारी है।
तेरे चरणों की दो भक्ति,दुःख दर्द मिटाना है,
तुम कर दो आदेश जारी,तेरे दर हमें आना है।
सुन वैष्णो माता,हम तेरे दर के भिखारी है,
हम श्रदा सुमन लाये,माँ हम तेरे पुजारी है।
मेरे इज्जत वैष्णो माँ,तुम ही बचा सकती,
मैं भटक गया हूं माँ,तुम राह दिखा सकती।
मुझे रहे न कोई चिंता,माँ तेरा ही ध्यान आये,
दो दिन की बची बाकी,तेरी भक्ति में गुजर जाये। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ


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