Tuesday, August 4, 2015

मन का मुरझाया फूल खिल नही सकता,
तेरे इशारे के बिना पत्ता हिल नही सकता,
मैंने बहुत तलाशा चैन आराम माँ वैष्णो,
तेरी कृपा के बिना चैन मिल नही सकता। रैना"

माँ वैष्णो मेरे मन को चैन आराम दे दे,
जपता रहू हरपल मुझे तेरा नाम दे दे,
लगे तेरे चरणों से लग्न हरदम मस्ती,
करू दीन दुखिया की सेवा यही काम दे दे। रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ

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