Thursday, August 6, 2015

हम को तुझसे प्यार बहुत,
तुम  करते  इन्कार बहुत।
तुझको फुरसत न मिलती,
हमको है इन्तजार बहुत।
लगता इसलिये न बोले,
करे जो हम तकरार बहुत।
मुर्ख बनाने वाले मिल जाते,
हाथ मिलाने वाले यार बहुत।
 कम ही पूरे कर पाती है,
 वादें करती है सरकार बहुत।
तुम समझो मजबूरी मेरी
हमें फ़क़त तेरी दरकार बहुत।
 रैना" ही न तेरा दीवाना है,
तेरे इश्क के बीमार बहुत।रैना"

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