15 अगस्त के उपलक्ष्य में
शहीद सोचते क्या ऐसी आजादी होती है,
मेरी भारत माता पहले से ज्यादा रोती है,
इन्साफ की देवी की आंखों पे बंधी पट्टी,
67 वर्ष बाद भी जनता भूखे पेट सोती है।
काले अंग्रेजों ने है ऐसे कानून बना डालें,
झूठा सरेआम घूमे सच्चे को जेल होती है।
अपनी ही चिन्ता देश की फ़िक्र नही कोई,
विदेशी मरे तानें भारतीयों की खाल मोटी है।
गिरगट के जैसे ही मसीहा रंग बदलते है,
सूट बूट के शौक़ीन दिखाने को बांधे धोती है।
रैना"झूठे नेताओं ने देश बरबाद कर डाला,
देश को लगा ग्रहण नीयत नीति खोटी है। रैना"
शहीद सोचते क्या ऐसी आजादी होती है,
मेरी भारत माता पहले से ज्यादा रोती है,
इन्साफ की देवी की आंखों पे बंधी पट्टी,
67 वर्ष बाद भी जनता भूखे पेट सोती है।
काले अंग्रेजों ने है ऐसे कानून बना डालें,
झूठा सरेआम घूमे सच्चे को जेल होती है।
अपनी ही चिन्ता देश की फ़िक्र नही कोई,
विदेशी मरे तानें भारतीयों की खाल मोटी है।
गिरगट के जैसे ही मसीहा रंग बदलते है,
सूट बूट के शौक़ीन दिखाने को बांधे धोती है।
रैना"झूठे नेताओं ने देश बरबाद कर डाला,
देश को लगा ग्रहण नीयत नीति खोटी है। रैना"
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