हवा में नमी सी लगे रो रहा कोई,
दाग दिल के तन्हा धो रहा कोई।
अपनी रात कटे तमाम आंखों में,
मजे में गहरी नींद सो रहा कोई। रैना"
रात ये काली कटती नही है,पी तुम आते नही हो,
गम की बदली छटती नही है,तुम मुख दिखाते नही हो।
हाल से हुआ बेगाना माँ दिल तुझ से लगा के,
दिल तुझ से लगा के,वैष्णो
राखी के धागे नही मेरा प्यार है,
तेरे प्यार की भईया दरकार है।
दाग दिल के तन्हा धो रहा कोई।
अपनी रात कटे तमाम आंखों में,
मजे में गहरी नींद सो रहा कोई। रैना"
रात ये काली कटती नही है,पी तुम आते नही हो,
गम की बदली छटती नही है,तुम मुख दिखाते नही हो।
हाल से हुआ बेगाना माँ दिल तुझ से लगा के,
दिल तुझ से लगा के,वैष्णो
राखी के धागे नही मेरा प्यार है,
तेरे प्यार की भईया दरकार है।
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