Tuesday, October 1, 2013

मेरी मां के रूप हैं नौ,
नौ रूपों से बने कई सौ,
हर रूप में माँ मेरी बसती है,
ये तो दुनिया चलाने वाली हस्ती है।
मेरी माँ के रूप  ……
शैल पुत्री ब्रहमचारनी,
चन्द्र घंटा माँ भवतारनी,
कुष्मांडा माँ स्कन्द माता,
कत्यानी माँ विख्याता,
कालरात्रि भद्रकाली,
महागौरी सुख करने वाली,
सिद्द्दात्री भक्त प्यारी,
पूजा तेरी करे नारी,
कही पताल में डेरा जमाया,
कही पहाड़ों पे बैठी हंसती है।
ये तो दुनिया चलाने  …राजेन्द्र रैना गुमनाम
सुप्रभात जी    जय जय माँ         

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