Sunday, October 13, 2013

paas rh ke bhi

पास रह के भी जलवा दिखाता नही,
यार क्यों मुख से चिलमन हटाता नही।
काश मेरी पीड़ा तू समझ ले कभी,
क्यों पता तेरे घर का बताता नही। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

दोस्तों दशहरा विशेष

अबला सीता पे रहम नही खाने वाले,
अब तो रावण को सब है बचाने वाले,
बाप का हुक्म मान हो जाये बनवासी,
ऐसे राम तो नही लौट के आने वाले।
राम भटके बीयाबान जंगलों में देखो,
वो ठहरे राम के नाम पे लड़ाने वाले।
स्कूलों में नफरत की पढ़ाई होने लगी,
कही दूर गये प्यार का पाठ पढ़ाने वाले।
मनन के नाम पे मनोरंजन होने लगा,
कहाँ वो हनुमान सीना चीर दिखाने वाले।
राम की खडाऊ आयोध्या पे राज करती,
अब तो भाई भाई को जेल पहुँचाने वाले।
कलयुग का असर है किसी का दोष नही,
मतलबी हो गये"रैना"अब ये जमाने वाले।राजेन्द्र शर्मा "रैना"

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