Friday, October 4, 2013

tujhe bhul jane

दोस्तों के लिए

तुझको भूल जाने का बहाना न मिला,
टूटा दिल बहलाने का बहाना न मिला।
रोम रोम मेरा हरपल रागे दरद गाये है,
दुःख हंसने हंसाने का बहाना न मिला।
हाल पे मेरे अपने हंसते है ताली मार के,
कुछ कर के दिखाने का बहाना न मिला।
देखो मेरी मस्ती मैं सोया लम्बी ताने के,
खुद को ही जगाने का बहाना न मिला।
आशिक वो मेरा मैं जान अनजान बना,
"रैना"उससे दिल लगाने का बहाना न मिला। राजेन्द्र रैना गुमनाम   

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