Wednesday, October 9, 2013

knd mata

स्कन्ध माता,जग विख्याता,
तेरी महिमा अपरम्पार है,
भगवन को गोदी में बैठा के,
करती मैया प्यार है।
मेरी माँ मेरी   …………
मैया जी करती शेर सवारी,
मोहनी सूरत लगती प्यारी,
देव देवता दरबान खड़े माँ,
सेवक तेरी है दुनिया सारी,
जो भी तेरे दर माँ आवे,
तू करती भव से पार है,
मेरी माँ मेरी  … …
भक्त मैं प्रवीन हो जाऊ,
तेरी भक्ति में लीं हो जाऊ,
हरपल रात दिन शाम सवेरे,
मैया तेरे गुण मैं गाऊ।
मुझे खबर माँ तेरे चरणों में,
होना मेरा उद्धार है,
मेरी माँ मेरी   …… ….राजेन्द्र रैना"
  

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