Thursday, October 10, 2013

माँ कालरात्रि करो दूर अँधेरा,
तू मेरी माता मैं दास हूँ तेरा,
कर किरपा मैं मन के अंदर मैया तुझे बैठाऊ,
हरपल साँझ सवेरे माता तेरा ही गुण गाऊ।
जय जय माँ जय जय माँ  …….
कर्म नेक मैं करता जाऊ इतनी फुरसत मिल जाये, 
हर जीव में हो दर्शन तेरे मन मुरझाया खिल जाये,
हसरत मात पिता बुजुर्गों की सेवा ये प्रसाद मैं पाऊ।
हर पल साँझ सवेरे………
जय जय माँ जय जय माँ ………
"रैना" के घर में वास माँ तेरा ज्योत जले दिन रात,
  कोई फिकर चिंता रहे न हो खुशियों की बरसात,
 लाख चौरासी कट जाये मेरी और न कुछ भी चाहू।
हर पल साँझ सवेरे  … ….
जय जय माँ जय जय माँ   ……… राजेन्द्र रैना"

   

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