Wednesday, October 2, 2013

रैना के तीर 

मम्मी खुश पप्पू ने कुछ बोला,
उल्टा सीधा कुछ मुहु तो खोला। 
चम्मचों ने अपना फर्ज निभाया,
पप्पू की बात को सही ठहराया। 
लोगों को अब समझ में है आया,
मम्मी ने पप्पू को ऐसे चमकाया।
वैसे जनता की समझ में ये आया है,
बेचारा पप्पू बोला नही बुलवाया है। 
अपने जन्म दिन पे गांधी रो गये है,
कहते मेरे चेले चम्मचे हो गये है। 
सिर्फ कुर्सी की ताक में ही रहते है,
गलत को गलत बिलकुल न कहते है। 
गांधी जी कहते अब मुझे विश्वास है,
हमारी पार्टी का होने वाला नाश है। 
कर्णधारों को कुर्सी के सिवा काम न दूजा है,
अब पार्टी की नही व्यक्ति विशेष की पूजा है। राजेन्द्र रैना"
  

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