Friday, October 11, 2013

facebbok

वैसे फेसबुक के दोस्त दोस्ती निभाते नही,
मण्डली में शामिल करते मगर बतियाते नही।
ऐसे बहुत से जो झूठ ही परोसते हैं अक्सर,
अपने बारे में कुछ भी स्पष्ट कभी बताते नही।
कहने को तो पैरोकार उनसे बड़ा कोई नही है,
मगर कंजूस कभी दरियादिली दिखाते नही।
दोस्त को बदनाम करने पर अक्सर तुले रहते,
अपने दोस्त का ऐब तो वो कभी छुपाते नही।
हम भी ऊपर के दिल से बात करते है अक्सर,
"रैना"ऐसे दोस्तों से दिल हम तो लगाते नही। राजेन्द्र "रैना"


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