Saturday, October 5, 2013

जय जय माँ

असुरो का राज हुआ मची हा हाकार है,
हर किसी को मैया अब तेरा इंतजार है,
दुष्टों के नाम के अब बज रहे हैं डन्कें माँ,
तेरे भक्तों का मैया जीना ही दुशवार है।
कोन उपदेश दे अब सही राह पे चलने का,
पथ प्रदर्शक खुद लकवा ग्रस्त बीमार है।
तेरे बिन देश को कोई बचा नही सकता, 
राक्षसों का अंत कर माँ इक तेरा एतबार है।
भक्तों के दुखड़े तू ही हरने वाली माता,
शेरावाली माँ"रैना"को तेरा करना दीदार है। राजेन्द्र रैना गुमनाम

  

No comments:

Post a Comment