Saturday, October 5, 2013

आओ अब हम सो जाये माँ का नाम लेकर,
सुबह उठे सब को जगाये माँ का नाम लेकर।
उसकी मेहरबानी सबको बख्शे माँ नयामतें,
मिल बाँट के सब ही खाये माँ का नाम लेकर। राजेन्द्र रैना गुमनाम   

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