Monday, October 7, 2013

ये अंदाज देखे बहर में 

तू ही जुस्तजू,
तू ही आरजू,
मैं मैं मैं नही,
तू है चारसू।
हम देखे तुझे,
बैठो रूबरू
क्या कहते भला,
मेरी जान तू।
मेरी मान ले,
वरना मैं मरू।
मेरी जीत है,
मेरी हार तू।
"रैना"क्या करे,
कैसे अब लडू। राजेन्द्र रैना गुमनाम

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