मां के पंखों में छुपाता रहा,
खुद को बचाता रहा,
पर निकले तो उड़ने की तैयारी कर ली,
मां बाप से कर बगावत यारी कर ली।
मारी है अपने ही पैरों पे कुल्हाड़ी उसने,
मगर वो सोचता बड़ी होशियारी कर ली।
याद रखना दोस्तों उसे सुख नही मिलता,
अपने मां बाप से जिसने गद्दारी कर ली। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
खुद को बचाता रहा,
पर निकले तो उड़ने की तैयारी कर ली,
मां बाप से कर बगावत यारी कर ली।
मारी है अपने ही पैरों पे कुल्हाड़ी उसने,
मगर वो सोचता बड़ी होशियारी कर ली।
याद रखना दोस्तों उसे सुख नही मिलता,
अपने मां बाप से जिसने गद्दारी कर ली। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
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