Saturday, October 17, 2015

राम लीला तो परम्परा हमारी है,
रावण को फिर जलाने की तैयारी है,
अफ़सोस राम तो कहीं नज़र न आयेगे,
रावण को तो रावण ही जलायेंगे। रैना"

No comments:

Post a Comment