प्यार दिल से तू किसी से कर तो सही,
नैन कहते कुछ तुझे तू पढ़ तो सही,
क्यों भटकता ही रहे वीराने में तू,
चैन मिल जाये किसी पे मर तो सही। रैना"
वाह ये लेखक कवि कितनी हिम्मत दिखा रहे हैं,
मसकें लगा लगा कर मिला पुरस्कार लौटा रहे हैं।
वैसे भारतीय इतिहास के पन्ने ये साफ फरमाते है,
भारत में पुरस्कार तो अधिकतर चम्मचें ही पाते हैं।
ऐसा लगे कुछ लेखक कवि अपने आका से डर रहे हैं,
उसी के इशारें पर मिला पुरस्कार वापिस कर रहे हैं।
खैर उन लेखक कवियों से अनुरोध भगवान से डरो,
आका से डरो पर लेखनी की तौहीन हरगिज न करो।
क्योंकि लेखनी का गुल ऐसे ही न तुक्के से खिलता है
शारदा माँ का आशीर्वाद किस्मत वाले को मिलता है। रैना"
नैन कहते कुछ तुझे तू पढ़ तो सही,
क्यों भटकता ही रहे वीराने में तू,
चैन मिल जाये किसी पे मर तो सही। रैना"
वाह ये लेखक कवि कितनी हिम्मत दिखा रहे हैं,
मसकें लगा लगा कर मिला पुरस्कार लौटा रहे हैं।
वैसे भारतीय इतिहास के पन्ने ये साफ फरमाते है,
भारत में पुरस्कार तो अधिकतर चम्मचें ही पाते हैं।
ऐसा लगे कुछ लेखक कवि अपने आका से डर रहे हैं,
उसी के इशारें पर मिला पुरस्कार वापिस कर रहे हैं।
खैर उन लेखक कवियों से अनुरोध भगवान से डरो,
आका से डरो पर लेखनी की तौहीन हरगिज न करो।
क्योंकि लेखनी का गुल ऐसे ही न तुक्के से खिलता है
शारदा माँ का आशीर्वाद किस्मत वाले को मिलता है। रैना"
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