दर्द को दिल में बसा के रखा है,
रात को अपना बना के रखा है।
तंगदस्त है इसलिये कोई नही अपना,
मुफ़्लिस का होता नही अरमान ओ सपना ,
महंगाई ने तो कमर को तोड़ डाला है,
मुश्किल हुआ पेट भरना रैन"तन ढपना। रैना"@@@
तंगदस्त =खाली हाथ,गरीब
मुफ़्लिस =गरीब
रात को अपना बना के रखा है।
तंगदस्त है इसलिये कोई नही अपना,
मुफ़्लिस का होता नही अरमान ओ सपना ,
महंगाई ने तो कमर को तोड़ डाला है,
मुश्किल हुआ पेट भरना रैन"तन ढपना। रैना"@@@
तंगदस्त =खाली हाथ,गरीब
मुफ़्लिस =गरीब
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