फाड़ दो खत मिटा दो सबूत सारे,
बैठ तन्हा जला दो सबूत सारे।
चैन तुझको मुझे भी मिले ठिकाना,
जा गंगा में बहा दो सबूत सारे।
डाल मिट्टी दबाना रहे गर अच्छा,
खोद गढ्ढा दबा दो सबूत सारे।
ख़ाक तुझको उड़ानी अगर हो अपनी,
जा शहर में पढ़ा दो सबूत सारे।
इस शहर में किसी पे यकीं नही है,
राज खुलता छुपा दो सबूत सारे।
आग दिल में लगी रात दिन जले है,
आज रैना"दिखा दो सबूत सारे। रैना"@@@
बैठ तन्हा जला दो सबूत सारे।
चैन तुझको मुझे भी मिले ठिकाना,
जा गंगा में बहा दो सबूत सारे।
डाल मिट्टी दबाना रहे गर अच्छा,
खोद गढ्ढा दबा दो सबूत सारे।
ख़ाक तुझको उड़ानी अगर हो अपनी,
जा शहर में पढ़ा दो सबूत सारे।
इस शहर में किसी पे यकीं नही है,
राज खुलता छुपा दो सबूत सारे।
आग दिल में लगी रात दिन जले है,
आज रैना"दिखा दो सबूत सारे। रैना"@@@
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