वैष्णो महारानी की जय जय जय
जिसने भी वैष्णो माँ का प्यार पा लिया,
उसने अपना जीवन बहार बना लिया।
उसने तो जीवन -----------------------
प्यार महकता है माँ के दरबार में,
आँखें बिछायें बैठी है माँ इंतजार में,
जिसने है जो भी चाहा उसने वही पा लिया।
उसने तो जीवन -----------------------
रैना"कर न देरी तुझको माँ बुला रही,
बाहर गुफा से आ के आवाजें लगा रही,
तूने तो अपना सोया भाग्य जगा लिया।
उसने तो जीवन ------------------"रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ
जिसने भी वैष्णो माँ का प्यार पा लिया,
उसने अपना जीवन बहार बना लिया।
उसने तो जीवन -----------------------
प्यार महकता है माँ के दरबार में,
आँखें बिछायें बैठी है माँ इंतजार में,
जिसने है जो भी चाहा उसने वही पा लिया।
उसने तो जीवन -----------------------
रैना"कर न देरी तुझको माँ बुला रही,
बाहर गुफा से आ के आवाजें लगा रही,
तूने तो अपना सोया भाग्य जगा लिया।
उसने तो जीवन ------------------"रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ
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