सहते रहेंगे गर ये गम होगी कजा हमारी,
हम सोचते है कैसे कम होगी सजा हमारी।
जब दूर तक देखा सिर्फ कालस नजर है आये,
जो रास आया है अंधेरा ये खता हमारी।
बेशक किया वादा निभाना है बड़ा ही मुश्किल,
है बदनसीबी मेरी बरबादी वफा हमारी।
है दूर तेरा घर ठिकाना पर अकेले जाना,
तब काम तो हरगिज न आये ये अदा हमारी।
सोचा करो तो देश के खातिर कभी दो पल ही,
है खूबसूरत ये वतन महकी सी फ़िजा हमारी।
जब बात माँ की हम करें आंखें छलक ही जाती,
है मांगती बेचारी हरपल ही दुआ हमारी।
रैना"करेगा बन्दगी रहमत करे जो मोला,
तेरी मुहब्बत ही बनी है अब दवा हमारी। रैना"
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