हम मरेंगे दुआ न देना,
भूल कर भी दवा न देना।
इश्क की आग बुझ रही है,
होश कर तू हवा न देना।
अर्ज मेरी दुआ यही है,
जान लेना दगा न देना।
बात सुन मान लें कभी तू,
हमनवा को कजा न देना।
कौन समझें अंदाज तेरा,
क्यों किसी को पता न देना।
आम का अब मिजाज ऐसा,
जाम पीना वफ़ा न देना।
रैना है ये कमी हमारी,
माफ़ करना सज़ा न देना। रैना"
भूल कर भी दवा न देना।
इश्क की आग बुझ रही है,
होश कर तू हवा न देना।
अर्ज मेरी दुआ यही है,
जान लेना दगा न देना।
बात सुन मान लें कभी तू,
हमनवा को कजा न देना।
कौन समझें अंदाज तेरा,
क्यों किसी को पता न देना।
आम का अब मिजाज ऐसा,
जाम पीना वफ़ा न देना।
रैना है ये कमी हमारी,
माफ़ करना सज़ा न देना। रैना"
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