Saturday, October 24, 2015

वैष्णो महारानी की जय जय जय
करो रहमत मेरी माता हुआ मुश्किल गुजारा है,
हुये अपने ही बेगानें न कोई भी सहारा है,
सुनाये हम किसे अपनी कहानी दर्द की गाथा,
करें उपहास ही सारे जिसे हमने पुकारा है,
करे कैसे यकीं माता नज़र कोई नही आता,
फसी मझदार में कश्ती बड़ा ही दूर किनारा है।
नही कोई कर्म करता दिखावा है यहां सारा,
जिसे भी ख़ास मतलब है वो ही अपना हमारा है।
भली लगती मुझे दुनिया मगर कड़वी ये सच्चाई,
उसी ने जख्म देना है सनम जो खास प्यारा है।
मेरी माँ तू कर्म करदे नही दिल टूट जायेगा,
दुखी रैना"करे विनती न कोई और चारा है। रैना"
सुप्रभात जी --------------जय जय माँ




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