Thursday, October 22, 2015

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बेवफा से तो मुहब्बत नही मिलने वाली,



नरेन्द्र मोदी जी चमत्कार हो तुम,
राजनीति के नये अवतार हो तुम,
गद्दार ही नुक्तचिन्हि करते अक्सर,
वैसे सच्चे देशभक्त खुद्दार हो तुम।
हर मुश्किल को आसान कर लो गे,
इतने परिपक्क होशियार हो तुम।
तुम्हारा बाल भी बांका नही होगा,
माँ दुर्गा के भक्तों में शुमार हो तुम।
तुम्हारा अंदाज देख एहसास होता,
मुश्किल से लड़ने को तैयार हो तुम।
देश की बिगड़ी हुई हालत देख कर,
ऐसा लगता है कुछ बेजार हो तुम।
तुम ही लोहा ले सकते हो दुश्मन से,
भारत माँ की दर्द भरी पुकार हो तुम।
दबी जुबान विरोधी भी तारीफ करते,
बेशक विकास के रथ पे सवार हो तुम।
इक आस लगाये बैठे कब के बेजार से,
इस भावी पीढ़ी का इन्तजार हो तुम।
तुम्हारी बातों से उम्मीद छ्लकती है,
ऐसा हरगिज न लगे लाचार हो तुम।
 




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