सनम दिल तोड़ जाते है,बड़ी तकलीफ़ होती है,
कभी जब याद आते है,बड़ी तकलीफ़ होती है।
किसी जब मोड़ पे मिलते,सफाई दे गुनाहों की,
बहाने जब बनाते है,बड़ी तकलीफ़ होती है।
दगा करके चले जाते,किनारा कर के अपनों से,
किसी से दिल लगाते है,बड़ी तकलीफ होती है।
कहानी दर्द की मुश्किल सुनाये तो किसे कैसे,
अजा खुद को सुनाते है,बड़ी तकलीफ़ होती है।
किया जिनके लिये अक्सर,कसर छोड़ी नही कोई,
नजर से वो गिराते है,बड़ी तकलीफ़ होती है।
लगाया फूल हमने तोड़ कर के ले गया कोई,
नसीबा ये दिखाते है,बड़ी तकलीफ होती है।
करे रैना"ज़िकर कैसे, हुये बरबाद बेमौसम,
दुखी जब खत जलाते हैं,बड़ी तकलीफ़ होती है। रैना"
कभी जब याद आते है,बड़ी तकलीफ़ होती है।
किसी जब मोड़ पे मिलते,सफाई दे गुनाहों की,
बहाने जब बनाते है,बड़ी तकलीफ़ होती है।
दगा करके चले जाते,किनारा कर के अपनों से,
किसी से दिल लगाते है,बड़ी तकलीफ होती है।
कहानी दर्द की मुश्किल सुनाये तो किसे कैसे,
अजा खुद को सुनाते है,बड़ी तकलीफ़ होती है।
किया जिनके लिये अक्सर,कसर छोड़ी नही कोई,
नजर से वो गिराते है,बड़ी तकलीफ़ होती है।
लगाया फूल हमने तोड़ कर के ले गया कोई,
नसीबा ये दिखाते है,बड़ी तकलीफ होती है।
करे रैना"ज़िकर कैसे, हुये बरबाद बेमौसम,
दुखी जब खत जलाते हैं,बड़ी तकलीफ़ होती है। रैना"
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