Tuesday, October 20, 2015

दोस्तों की नज़र
तुझी से दिल लगाना चाहते है,
नयी दुनिया बसाना चाहते है।
शहर तेरा न हमको रास आया,
तेरे ही पास आना चाहते है।
कभी मौका मिले तो बात कर ले,
मिलन का इक बहाना चाहते है।
दगा खुद से करें हैं लोग सारे,
भला कुछ कर दिखाना चाहते है।
हसीं जलवें तेरे तारीफ़ काबिल,
तेरे ही गीत गाना चाहते है।
गुजारिश तू सुने तो बात बनती,
चमन में गुल खिलाना चाहते है।
ख़ुशी हम से गिला अक्सर करे है,
कजा से दिल लगाना चाहते है।
चले जाये अभी उस पार रैना"
वहीं अपना ठिकाना चाहते है। रैना"@@@




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