Thursday, October 8, 2015


ख़्वाब कोई तुम सजा कर देखना,
दर्द को अपना बना कर देखना।
रौशनी से खिल उठे सारा जहाँ,
प्यार का दीपक जला कर देखना।
है इबादत में मजा खुशियां मिले,
नैन तुम उससे मिला कर देखना।
बंद दवारे भी खुलेंगे ध्यान कर,
आग उल्फ़त की जला कर देखना।
चैन मिलता है सकूं मन खुश हुआ,
शख़्स गिरते को उठा कर देखना।
मेहनत से गुल खिले वीरान में,
तुम पसीना तो बहा कर देखना।
काश रैना"की दुआ मन्जूर हो,
यार को हमने बुला कर देखना। रैना"@@


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