दोस्तों के लिए खास
भटक रहे हैं देखो उसकी तलाश में,
हमें मिले न अपना जो रहता पास में।
चमन हुआ वीराना हम से खफ़ा बहारें,
कभी लहर तो आये बैठे हैं आस में। रैना"
भटक रहे हैं देखो उसकी तलाश में,
हमें मिले न अपना जो रहता पास में।
चमन हुआ वीराना हम से खफ़ा बहारें,
कभी लहर तो आये बैठे हैं आस में। रैना"
No comments:
Post a Comment