वैष्णो महारानी की --जय जय जय जय
तुझे फुरसत नही माता मुझे तो गम ने घेरा है,
तेरे दर्शन की अभिलाषा करे क्या दूर डेरा है,
कर्म करती नही माता यही मुझको परेशानी,
बुझे दीपक न जलते दूर हमसे वो सवेरा है। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ
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