Saturday, October 10, 2015


वैष्णो महारानी की जय जय जय 
बदनसीब जो भक्त हैं तेरे उनके नसीब जगा ले माँ,
अब नवरात्रे आये वैष्णो माँ हमें दर पे बुला ले माँ। 
तू पालन हार जग की तुझे फुरसत नही मिलती,
दीवाने जो तेरे भटक रहे उनको गले से लगा ले माँ। रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ 



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