Saturday, October 17, 2015

कात्यायनी माँ जग कल्याणी,
हमारा  भी उद्धार करो,
माँ भव सागर से पार करो।
हमारा मेरा भी --------------
कल्याणी माँ कल्याण करो,
दुखों का माँ नाश करो,
हम भक्त तेरे द्वारे आये,
हम को न निराश करो,
हाथ जोड़ कर विनती करते,
हमारी विनती स्वीकार करो।
हमारा मेरा भी --------------
रंग में तुम हर ढंग में तुम हो,
अपने भक्तो को संग में तुम हो,
सारी तेरी ही माँ काया माया,
डोर  में तुम ही पतंग में तुम हो,
लगा लो अपने चरणों से माँ,
न रैना"को इन्कार करो।
हमारा मेरा भी --------------
सुप्रभात जी ---जय जय माँ

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