गुम हो गये हम खुद को तलाशते,
दुनिया ने गुमशुदी के इश्तहार लगवा दिये। रैना"
फिसलन भरी राहों पे सम्भल के चलो,
अक्सर जवानी में पैर फिसल ही जाता है। रैना"
दुनिया ने गुमशुदी के इश्तहार लगवा दिये। रैना"
फिसलन भरी राहों पे सम्भल के चलो,
अक्सर जवानी में पैर फिसल ही जाता है। रैना"
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