गम के बादल जब छट जाये,
अपनों से दूरी घट जाये,
पैसा ऐसी आरी यारो,
जिससे हर बन्धन कट जाये। रैना"
बंधी डोरी असानी से तोड़ी नही जाती,
मोहब्बत है इबादत छोड़ी नही जाती। रैना"
अपनों से दूरी घट जाये,
पैसा ऐसी आरी यारो,
जिससे हर बन्धन कट जाये। रैना"
बंधी डोरी असानी से तोड़ी नही जाती,
मोहब्बत है इबादत छोड़ी नही जाती। रैना"
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