Thursday, March 26, 2015

kalratri maa

कालरात्रि माँ चंडी काली,
तेरी महिमा अजब निराली,
भक्तों से माँ प्यार हो करती,
दुष्टों का माँ संघार हो करती,
इतना कर्म  भी कर देती हो,
भवसागर से पार हो करती।
मुझ पे उपकार करो माँ,
 जन्मों का सुधार करो माँ,
प्यार करो माँ प्यार करो माँ
प्यार करो ---------------
सातवां नवरात्रा तेरा मेरी माता,
दुःख हरणी माँ सुख की दाता ,
अर्ज मेरी स्वीकार करो माँ।
प्यार करो माँ ----------रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 

No comments:

Post a Comment