Thursday, March 19, 2015

khoya sbkuchh kuchh

प्यारे दोस्तों मेरे दिल की बात आप की नजर

उसने नसीब कुछ ऐसा बनाया है,
खोया सबकुछ कुछ न पाया है।
घट रहे जिन्दगी में हादसे ऐसे,
जिसको हंसाया उसने रुलाया है।
बदक़िस्मत है हम मौत न आई,
वैसे जहर तो कई बार खाया है।
अक्सर हंसते रहते है होठ मेरे,
अश्कों को पलकों में छुपाया है।
लोग तिजौरी सम्भाल के रखते,
अपना तो गम ही सरमाया है।
मेरे मन का कवि मर गया होता,
"रैना"फेसबुक ने उसे बचाया है। रैना"

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