Monday, March 16, 2015

maa tu to khushbu

दोस्तों के नाम प्यारी सी रचना

अपना ऐब न कभी छुपाना चाहिये,
खुद को भी आईना दिखाना चाहिये।
ख्वाबों के महल भी बनाये जा सकते,
बुनियाद को मजबूत बनाना चाहिये।
गुरू की कृपा से ही मन रोशन होता,
माँ बाप का कर्ज न भुलाना चाहिये।
मतलब निकलते ही लोग भूल जाते,
बेहतर ये दिल उससे लगाना चाहिये।
चन्द सिक्कों के लालच में आके रैना"
अपना जमीर हरगिज न गिराना चाहिये। रैना"

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