तेरी याद के साये में जी रहे है,
वैसे मरने की कई बार सोची है। रैना"
आप जमाने से जुदा से होगे,
मैंने देखा नही न खुदा से होगे।
फकीर की होठो पर सजी हुई,
इत्मीनान से मांगी दुआ से होगे।
मेरे हर रोग का इलाज कर देते,
निसंदेह आप तो दवा से होगे।
खिलती मेरे मन की बगीया,
सावन की फुहार हवा से होगे।
आप का अक्स मेरी आँखों में,
दादा दादी आप तो वफ़ा से होगे।
वैसे मरने की कई बार सोची है। रैना"
आप जमाने से जुदा से होगे,
मैंने देखा नही न खुदा से होगे।
फकीर की होठो पर सजी हुई,
इत्मीनान से मांगी दुआ से होगे।
मेरे हर रोग का इलाज कर देते,
निसंदेह आप तो दवा से होगे।
खिलती मेरे मन की बगीया,
सावन की फुहार हवा से होगे।
आप का अक्स मेरी आँखों में,
दादा दादी आप तो वफ़ा से होगे।
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