वैष्णो रानी के दरबार,बरस रहा माँ का प्यार,
झोली भर लो,झोली भर लो ------
जीवन की डगर बहुत ही मुश्किल,
आसान डगर को कर लो,
झोली भर लो------------
बीच गुफा में बैठी महारानी,
मेहर करती जग कल्याणी,
मुँहू माँगा वर माँ देती है,
खाली न लौटे कोई सवाली,
प्रेम से माँ के जयकारे लगा के,
सीढ़ियां चढ़ लो --------
झोली भर लो --------रैना"
सुप्रभात जी---------जय जय माँ
झोली भर लो,झोली भर लो ------
जीवन की डगर बहुत ही मुश्किल,
आसान डगर को कर लो,
झोली भर लो------------
बीच गुफा में बैठी महारानी,
मेहर करती जग कल्याणी,
मुँहू माँगा वर माँ देती है,
खाली न लौटे कोई सवाली,
प्रेम से माँ के जयकारे लगा के,
सीढ़ियां चढ़ लो --------
झोली भर लो --------रैना"
सुप्रभात जी---------जय जय माँ
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