दर्द दिल में छुपा के रखा है,
आँख में जल बचा के रखा है।
याद ने ही बचा के रखा है।
मैं दिल में रहने की गुस्ताखी नही करता,
दिल तो आईना है अक्सर टूट ही जाता है। रैना"
आँख में जल बचा के रखा है।
याद ने ही बचा के रखा है।
मैं दिल में रहने की गुस्ताखी नही करता,
दिल तो आईना है अक्सर टूट ही जाता है। रैना"
No comments:
Post a Comment