Friday, March 20, 2015

मैनु तेरा शवाब लै बैठा,

याद तेरी बनी मिरी दुश्मन,
दूर पल भी कभी नही रहती,
सोच इस बात की मुझे अक्सर,
बावफा दुःख
पास अपने इसे बुला लेते,
हम कभी भी गिला नही करते,
काश ऐसा कभी करे रैना"बेवफा हम तुझे दुआ देते। रैना"

No comments:

Post a Comment