दोस्तों गाऊ की दुर्दशा पर लिखा ये मेरा गीत अभी रिकार्ड हुआ है,
आप के विचारों का अभिलाषी हूं।
गाऊ माता, सुख की दाता,
गलियों में भटके,भूखी तड़फे,
करती एक सवाल,
सनातन धर्म की बुनियाद हूं मैं,
फिर भी बुरा मेरा हाल,
मेरा हाल बुरा है ,चले मुझ पे छुरा है।
हाये मेरा हाल बुरा -------रैना"
आप के विचारों का अभिलाषी हूं।
गाऊ माता, सुख की दाता,
गलियों में भटके,भूखी तड़फे,
करती एक सवाल,
सनातन धर्म की बुनियाद हूं मैं,
फिर भी बुरा मेरा हाल,
मेरा हाल बुरा है ,चले मुझ पे छुरा है।
हाये मेरा हाल बुरा -------रैना"
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