आज प्रात इन्द्र देव ने बड़ी तेजी दिखाई,
दो मिनट में धरती पर सफेद चादर बिछाई,
और किसी का चाहे कुछ नही बिगड़ा,
मगर गंजों की शामत आई।
इन्द्र देव ने ओलो से खूब ढोलकी बजाई।
गुस्सा न करना मेरे भाई,
ये मैंने आप बीती है सुनाई। रैना"
दो मिनट में धरती पर सफेद चादर बिछाई,
और किसी का चाहे कुछ नही बिगड़ा,
मगर गंजों की शामत आई।
इन्द्र देव ने ओलो से खूब ढोलकी बजाई।
गुस्सा न करना मेरे भाई,
ये मैंने आप बीती है सुनाई। रैना"
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