माँ की मेहरबानी कम नही होती,
उल्फ़त बरसे आँख नम नही होती।
प्यार मिलता है,दुलार मिलता है,
खुशियों से सजा संसार मिलता है।
क्या है मजबूरी,कम करले दूरी,
माँ के चरणों से प्यार करले,
दीदार करले आ दीदार ले।
माँ वैष्णो रानी के दीदार करले,
प्यार करले प्यार --------रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ
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