Sunday, March 1, 2015

ख्वाब बुनना तो सबको आता है
2122 1212 22 
रात भर तू मुझे आता है
ये बता क्या तिरा मिरा नाता है। 

आदमी जोर तो लगाता है,

जिन्दगी को समझ न पाता है,
छोड़ता ही नही कसर फिर भी,
चैन दिल को कभी न आता है। रैना"

आदमी जोर तो लगाता है,

वो उठाता कभी गिराता है। 

122 122 122 122 
कभी तुम उसे भी करो याद रैना"
तुझे तोहफे में मिली जान जिससे। रैना" 

चैन से मौत भी मिलती नही तेरे शहर में,
इस कदर अब मिलावट होती है जहर में। रैना" 



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