रोना अन्दाज हमारा नही,
हंसी दुनिया को गवारा नही।
खड़े हो जाओ अपने पैरों पे,
कोई किसी का सहारा नही।
सिर्फ दौलत से रिश्तेदारी है,
कोई किसी को प्यारा नही।
एक आधा हो किस्मत वाला,
जिसको अपनों ने मारा नही।
कुछ आगे की फ़िक्र करना,
मिलेगा जीवन दोबारा नही।
जीवन भर फिर दुखी रहना,
माँ बाप का कर्ज उतारा नही।
तजुरब्बा ये सूफी रैना"का,
बिन मेहनत चमके सितारा नही। रैना"
हंसी दुनिया को गवारा नही।
खड़े हो जाओ अपने पैरों पे,
कोई किसी का सहारा नही।
सिर्फ दौलत से रिश्तेदारी है,
कोई किसी को प्यारा नही।
एक आधा हो किस्मत वाला,
जिसको अपनों ने मारा नही।
कुछ आगे की फ़िक्र करना,
मिलेगा जीवन दोबारा नही।
जीवन भर फिर दुखी रहना,
माँ बाप का कर्ज उतारा नही।
तजुरब्बा ये सूफी रैना"का,
बिन मेहनत चमके सितारा नही। रैना"
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