बुरा न मानो चोरों की शान में कहा है
दूसरे का नाम काट कर अपना नाम भरने वाले,
फेसबुक पे चोर बहुत कविता चोरी करने वाले।
कविता सिर्फ एक लिखने वाले बेहिसाब हो गये,
चकित भ्रमित हो रहे बेचारे कविता पढ़ने वाले।
कलम के पुजारी कवि को कम ही लोग बुलाते,
अधिकतर कविता चोर होते मंचों पे चढ़ने वाले।
यहां से कुछ वहां से उठा कुछ कवि जोड़ते तुक्के,
चम्मचे ऐसे भी बहुत कवि शिरोमणि बनने वाले।
सूफी रैना"श्राप देता कविता चोरी करने वालो को,
अगले जन्म हिजड़े बनेगे भाग्य नही सवारने वाले। रैना"
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