दोस्तों मेरी ये रचना भारत माता को समर्पित है
आप भारत माँ के प्यारे हैं इक बार पढ़ना जरूर
गौर करो कुछ इक दूजे पे न कीचड़ उछालिये,
देश का भला कैसे हो मिल बैठ हल निकालिये।
किस्मत आप की मेहरबानी तो जनता की भी है,
मसीहा हैं आप भारत माँ की इज्जत संभालिये।
एकता में बल मेरा भारत देश बने अति महान,
जनता को धर्म जात क्षेत्र के चक्कर में न डालिये।
सब की मंजिल एक फ़क़त हैं रास्ते जुदा जरूर,
बेशक हम सब एक दिलों में न यूं नफरत पालिये।
इन्सान क्या गल्ती तो भगवान से भी हो जाती है,
पर भूल कर भी अपनी गल्ती न किसी पे डालिये।
बेटी न मारो कोख में पढ़ाओ लिखाओ जो बने शान,
बेटियों का फर्ज भाई बाप की पगड़ी न उछालिये।
रैना"याद रखना बड़ा मुश्किल माँ बाप का किरदार,
बुजुर्ग अपनी इज्जत मान आदर प्रेम से संभालिये। रैना"
आप भारत माँ के प्यारे हैं इक बार पढ़ना जरूर
गौर करो कुछ इक दूजे पे न कीचड़ उछालिये,
देश का भला कैसे हो मिल बैठ हल निकालिये।
किस्मत आप की मेहरबानी तो जनता की भी है,
मसीहा हैं आप भारत माँ की इज्जत संभालिये।
एकता में बल मेरा भारत देश बने अति महान,
जनता को धर्म जात क्षेत्र के चक्कर में न डालिये।
सब की मंजिल एक फ़क़त हैं रास्ते जुदा जरूर,
बेशक हम सब एक दिलों में न यूं नफरत पालिये।
इन्सान क्या गल्ती तो भगवान से भी हो जाती है,
पर भूल कर भी अपनी गल्ती न किसी पे डालिये।
बेटी न मारो कोख में पढ़ाओ लिखाओ जो बने शान,
बेटियों का फर्ज भाई बाप की पगड़ी न उछालिये।
रैना"याद रखना बड़ा मुश्किल माँ बाप का किरदार,
बुजुर्ग अपनी इज्जत मान आदर प्रेम से संभालिये। रैना"
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